STORYMIRROR

VIVEK ROUSHAN

Abstract

4  

VIVEK ROUSHAN

Abstract

सरकारी पत्रकारिता

सरकारी पत्रकारिता

1 min
450

हमारे दौर में एक नई

पत्रकारिता का जन्म हुआ है

जिसे हम कह सकते हैं

सरकारी पत्रकारिता,

इस काम के लिए डिग्री

की कोई आवश्यकता नहीं है


इसमें पत्रकार

वही लिखता है जो

सरकार बोलती है

वही दिखाता है जो

सरकार बोलती है


और वही खाता है जो

उसे सरकार देती है

हमारे दौर में

चाटुकारिता हीं पत्रकारिता है

जिसमें पत्रकार का

जनता से सरोकार

शून्य के बराबर है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract