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Umesh Shukla

Abstract Others

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Umesh Shukla

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सपनों का आवेग

सपनों का आवेग

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सपने हर इंसान को

कर देते हैं गतिमान

जो भी उन्हें साकार

करे वो ही बने महान

सपनों का आवेग देता

बहुतों को ऊर्जा पुंज

अधिकांश भटक जाते

सपनों को मानकर धुंध

सनातनियों में बहुतों को

होता सपनों पर विश्वास

ईश्वर दिल में प्रज्वलित

रखता पूरे होने की आस

प्रभु की कृपा से इंसान को

मिलती सन्मति सही राह

झिलमिल सपनों को पूरा

करने की पैदा होती चाह

चाह जब किसी शख्स की

ले लेती है जुनून का तेवर

चंद दिनों में बदल जाता है

उस शख्स का पूरा कलेवर



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