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Shakshi Kumari

Abstract Others

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Shakshi Kumari

Abstract Others

सफर 2021 का

सफर 2021 का

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उम्मीदों से शुरू हुआ था

कुुुुछ राहत के पल हम पाएंगे।‌।

बच्चे  बूूढ़े सब के आंखों में थे एक से सपने

महामारी केे बाद फिर से हम  खुशियां की दौड़ लगाएंगे।।


 हाँ कुछ वक्त बीतेे थे उदासी भरी

मगर हमने परिवारो के हौौसलो से उड़ान लिए।।

जब थम गई थी ये बाहर की दुनिया

तब हम सब ने परिवार के  साथ कुछ अनमोल पल 

   गुजार लिए।।


इस  वर्ष बनेे यादें बहुत  सारी

हमने नजदिकियां का भी अनुभव  लिया।

जो छुूट रहा उस भीड़ में कहीं

उस  पल को  गांव में आकर  हमने कही जिया।।


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