सफलता की ओर...
सफलता की ओर...
सुवास कुमार वर्मा जी ! आप ने जिस लगन से
हमारे विद्यालय का कार्यभार संभाला...
जिस उम्मीद से आपने
पूरी आस्था एवं आत्मविश्वास सहित
इस विद्यामंदिर की नींव रखी,
वो निस्संदेह काबिल-ए-तारीफ है!
आपने इस इस विद्यालय की स्थापना में
अपना जो अमूल्य योगदान दिया,
उसका आंकलन कर पाना असंभव है!
एक अतंद्र प्रहरी-सा आप
सुबह से देर रात तक
अपने कार्यालय से संबंधित
विभिन्न कार्योंं को सही रूप में
पूरा कर रहे हैैं,
वो निस्संदेह काबिल-ए-तारीफ है!
आप अपनेे अनुभव, अपनी सूूूझबूझ एवंं
अपनी पारखी नज़र से
हमारे आसपास की
अस्थाई समस्याओं का
जिस बेहतरीन तरीकों सेे
स्थाई समाधान ढूँढ़ निकालने की
काबिलियत रखते हैंं,
वो निस्संदेह काबिल-ए-तारीफ है!
सबसे बड़ी खासियत है
आपकी सकारात्मक सोच एवं विचार-बुद्धि,
जिसके बलबूते पर आप
नकारात्मक ऊर्जा एवं
उसके प्रभाव से
हमारे मन में
अदम्य साहस
एवं आत्मशक्ति का
पूर्ण संंचार करते हैं...!
यहीं से आपकी विजययात्रा
प्रारंभ होती है, सुुुवास कुुुमार वर्मा जी...।
आपका सफल कर्मयोग
हमारे विवेकानंद केेन्द्र विद्यालय, खटखटी की विजयपताका को सगर्व फहराने का
एक सशक्त स्थान देता है,
जिसके आधार पर उत्तर पूर्वांचल की
कार्बी आंंगलांंग जिले की
क्रमोन्नति एवं विकास की
आधारभूत विंदु को हम
सफलतापूर्वक संपन्न कर सकते हैैं।
हाँ, सुुुवास कुमार वर्मा जी! हमारा विद्यालय
भविष्य केे भारतवर्ष की
एक गौरवोज्ज्वल साक्षी बनकर
इस देश मेेंं ही नहीं,
कल के सुनहरे विश्व के
मानसपटल पर
एक अनन्य-अनुपम विषयवस्तु बनकर
जन-जन से जन-मन तक
ऐतिहासिक महत्व को
उजागर करेेेगी...
ये एक शिक्षक कार्यकर्ता का
आत्मविश्वास है;
ये एक शिक्षासेवक की
अदम्य चाह है...
मैं कल केे सुनहरे भविष्य मेें
अपने कर्मयोग का रंग भर रहा हूँँ...
मैं भी आपका हमकदम हूँ, सुवास कुमार वर्मा जी!
आप अपनेे विजयपथ पर गतिमान रहें, सुवास कुमार वर्मा जी!
हम सब आपकी सफल-समर्थ-सबल विजययात्रा के समभागी हैं...
हम सब साथ हैं...
बस हमारा एकमात्र ध्येय है :
"विवेकानंद केन्द्र विद्यालय, खटखटी"
और ज्ञानयात्रा -- विश्वव्यापी ज्ञानयात्रा...!
हम सबनेे भविष्य केे समर्थ भारतवर्ष के
शिक्षार्थियों को सशक्तिकरण देने का,
उनमें भारतीय संंस्कृति एवंं
आध्यात्मिक विचारों का संचार करने का,
देशहित मेेंं सत्चिंंतन करने का,
अपनी जड़ें मजबूत करने का,
"देशभक्त संत" स्वामी विवेकानंद जी
की अमृतवाणी को पूर्ण प्रसारित करने का
एवं योगभूूूमि भारतवर्ष को विश्वदरबार में
पुनः प्रतिष्ठित करने का संकल्प लिया है।
