दीपक और उजाला
दीपक और उजाला
जीवन में होनी चाहिए एक राह
जो ना रहे गड़रिया प्रवाह
नहीं जीना हमें बटोरने वाह वाह!
बस रखनी है हमें एक ही चाह।
हमारे जीवन में भले ही हो अंधेरा
पर दूसरों के घर में हम देखना चाहते है सवेरा
कमल की तरह फैलायेंगे हम सुगंध
सब सुखी हो ऐसा करेंगे प्रबंध।
खुद को मिटाने वाले कहलाता है परवाना
प्यारे में पागल और कहलाता दीवाना
दीपक और परवाने का है सदी पुराना सम्बन्ध
और उसे रहना भी चाहिए अकबंध।
दीपक का होना मतलब उजाले का प्रारम्भ
जीवन में तरक्की का आगमन और शुभारम्भ
अंधेरे का गायब हो जाना और प्रगतिशील जीवन
जीवन से गायब मायूसी और बन जाना तपोवन।
दीपक और उजाला एक दूसरे का पर्याय
अँधेरा और जीवन होता है जिंदगी का व्यय
नहीं रुकता आपके जीवन में समय
जो भी करना है करो रख के समन्वय।
दीपक का मूल्य है जीवन में सर्वाधिक
करो रौशनी का आदर और आंको मूल्य अधिक
जीवन को रोशन करो और दिखाओ उसकी सार्थकता
जीवन यदि खो दिया तो कभी भी वापस नहीं आ सकता।
अँधेरे का जीवन में कोई स्थान नहीं
उजाला दिलाता रहे प्रकाश पुंज सदैव यहीं
जीवन रहे दैदीप्यमान और आपको बनाये सज्जन
आपको लगता है अच्छा इस उपवन।
उजाला ओर अँधेरा
बार-बार लाते है सवेरा
यदि छा भी गया है कोहरा
सुबह होते ही बन जाता सुनहरा
