सफलता का मचान
सफलता का मचान
गर धूप में चलिए तो छाँव की आशा ना रखिए ;
संघर्ष के जरिए सफलता का मचान ढूंढिए!
अगर जो धन अधिक हो तो कभी मन में ;
अहंकार का मिथ्या भाव ना रखा कीजिए!
ना ही कभी किसी पर अपना रोब जमाइए ;
और ना ही किसी को कभी नीचा दिखाइए!
देखकर दूसरों को खुद से आगे बढ़ता हुआ ;
मन में कभी ना कोई ईष्या का भाव लाइए !
आपके हृदय में हो भाव सहृदयता से भरा ;
इस तरह से सबको अपना बनाकर चलिए।
