STORYMIRROR

Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

4  

Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

संसार

संसार

1 min
402

धरती से जुड़े हम केवल एक

शिव सर्वत्र

एक मानव एक सृष्टि

धरती से पाताल तक

एक जीव है

मनुष्य जीव जंतु

हम एक ही विधाता के

बच्चे है

फिर ये मार काट

प्रतिद्वंदिता क्यो

मनुष्य ही मनुष्य का आज दुश्मन

कुछ दिन के लिए हम है

कोई भी अमर नहीं

हर वस्तु हर जीव नश्वर

फिर किस चीज के मोहपाश में बंधे हम सब

एक ही ईश्वर के बच्चे फिर भेद क्यो

अपनी अपनी ताकत दिखा

एक दूसरे से विमुख क्यो हो गए हम सब

एक ईश्वर एक कुटुम्ब



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract