संभल जाओ
संभल जाओ
ऐ दुनियावालों अब समय रहते संभल जाओ
कुदरत की सुंदर प्रकृति से खिलवाड़ न करो
कर्मो का फल है मिला, पाप का घड़ा मत भरो
धरती के किसी भी जीव पर अत्याचार न करो
तबाह हो रहा है सब कुछ, अब सब सुधार जाओ
गुनाहों की माफ़ी माँगकर अब थोड़ा बदल जाओ
एहतियात रखलो, थोड़े दिन और घर मे रहलो
एकजुट हो, साथ मिलकर कोरोना को हराओ।
