STORYMIRROR

Kishor Zote

Drama

3  

Kishor Zote

Drama

समय

समय

1 min
196

समय होते काम निपटा लो 

समय किसी के लिये रुकता नहीं

समय का तुम आदर कर लो

बीता समय फिर लौटता नहीं।


जो है वो आज ही कर लो 

कल की सुबह देखी नहीं

चलो अपने मंजिल की ओर

बढ़ते कदम कभी रोको नहीं।


ना उम्मीद हार के बैठो यूं

समय से पहले कुछ मिलता नहीं

सपने उन्हीं के होते हैं पूरे 

जो उसे देखना छोड़ता नहीं।


समय होते समझ जाओ तुम

होतो सारा जहाँ किसी का नहीं

प्यार लो, प्यार बाँटते चल दो

साथ खुले हाथ कुछ आता नहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Kishor Zote

सच

सच

1 min पढ़ें

आसमान

आसमान

1 min पढ़ें

अनमोल

अनमोल

1 min पढ़ें

आँसू

आँसू

1 min पढ़ें

याद

याद

1 min पढ़ें

शक

शक

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Drama