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समय की ताकत

समय की ताकत

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न जाने कौन सा नियम है ?

चलते रहता है,

हे भगवान! कैसी माया है ?

अपने किए का फल मिलते रहता है


अच्छा हो या बुरा,

परोपकार कर या दुष्टता

कर्म का फल है मिलता


समय का कांटा ना रुके,

चुप रहे, शांत मन

जवाब देगा समय का दर्पण


समुद्र की लहर बहती रहे

तू भी चला चल राही,

ना किसी का इंतजार कर,

ना ही स्वयं से डर


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