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KIRIT PARMAR 🇮🇳

Tragedy

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KIRIT PARMAR 🇮🇳

Tragedy

समजता गया लोगो को..

समजता गया लोगो को..

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सबसे ज्यादा जिन लोगों को जाना मैने

उन्होंने दुःख दिया ढेरो सारा मुझे

उलझनो मे उलझने दिया देखकर भी मुझको

बस साथ ही नही दे पाए अपना

बिन साथ के इन अकेलेपन में 

खुद ही खुद में खोया रहा

बह गया झूठी उनकी भावनाओं में 

जिन्दगी के सफर में समझता गया लोगों को!


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