STORYMIRROR

kahnu charan sahu

Romance

3  

kahnu charan sahu

Romance

सिर्फ तुम्हे चाहता हूं

सिर्फ तुम्हे चाहता हूं

1 min
261

कुछ अजब सा अनुभव होता है

जहां जाता हूँ सिर्फ़ तुम्हें दिखता हूँ


तुम्हारा बातें सोच सोच के रोने लगता हूँ 

पता नहीं ये किया हुआ है मुझे

सिर्फ तुम्हें चाहाता हूँ।


एक दिन तुम आये 

तुम्हारी बात, हँसी ओर 

अनमोल ओठ दिल को छुएं

 

थोड़े थोड़े तुम अच्छा लगने लगे 

और तबसे मैं प्यार करने लगा हूँ


पता नहीं ये क्या हुआ है मुझे

सिर्फ तुम्हें चाहता हूं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance