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Amit Singh

Romance

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Amit Singh

Romance

सिर्फ मैं, और मुझमे तुम

सिर्फ मैं, और मुझमे तुम

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मैं रौशनी, तू मेरा अंधेरा बन जा

रात काली हूँ मैं, मेरा सवेरा बन जा


उम्मीद तुझसे रहे हमेशा मुझको,

मैं तेरी, तू मेरा बन जा,


मैं रौशनी, तू मेरा अंधेरा बन जा.......


शहर में आंधी है, बेवफाई की यारा,

छोटा ही सही,मेरा बसेरा बन जा


मैं रौशनी, तू मेरा अंधेरा बन जा


बड़ी जालिम है नज़र बाज़ारों में,

मैं दुल्हन, तू मेरा पैहरा बन जा


मैं रौशनी, तू मेरा अंधेरा बन जा।



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