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Kavita Sharrma

Inspirational

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Kavita Sharrma

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श्वान हमारा मित्र

श्वान हमारा मित्र

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इस धरती पर कितनी विविधता पाई है जाती

फूल फल और दिखते है भिन्न भिन्न प्राणी

कोई रहता घने वनों में करता संघर्ष जीवन का

कुछ ऐसे हैं जो हमारे आस पास दिख जाते


सबके अलग भाव होते हैं भले ही ये बोल नहीं पाते

कुछ गुस्सैल,कुछ जल्दी से मित्र हमारे बन जाते

श्वान बड़ा वफादार है प्राणी खूब प्यार लुटाता

मालिक की सुरक्षा के लिए शत्रु से भिड़ जाता


अकेले हो तो मित्र बनकर साथ हमारा निभाता

हमारे दुःख में दुखी हो जाता खुशी भी ज़ाहिर करता

आगे पीछे दुम हिलाकर अक्सर घूमा करता

मैं भी घर का ही सदस्य हूं मानो हमसे कहता


बस प्यार और स्नेह चाहता आँखों से कहता।


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