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Bharat Bhushan

Comedy

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Bharat Bhushan

Comedy

श्रंगार

श्रंगार

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घर सम्भाल सकती हैं, घाट सम्भाल सकती हैं,

राज्य सम्भाल सकती हैं, राष्ट्र सम्भाल सकती हैं,

रिश्ते सम्भाल सकती हैं, फ़रिश्ते सम्भाल सकती हैं,

अर्थ सम्भाल सकती हैं, निरर्थ सम्भाल सकती हैं,

शस्त्र संभाल सकती हैं, शास्त्र संभाल सकती हैं। 

नहीं सम्भाल सकती हैं वे तो संवरने के बाद अपने बाल।


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