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J P Raghuwanshi

Abstract

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J P Raghuwanshi

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शरद

शरद

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सब गलियां निर्मल भयी,

पावन शरद ऋतु आई है।

घर आंगन सुंदर सजे,

वही पवन सुखदाई है।


हल्की-हल्की ठंड आई,

मौसम भया सुहाना।

पकी धान, आनंद घर छायो,

सब मिल गाओं तराना।


दीवाली की करो तैयारी,

खूब रंगोली बनाओं।

सब मिलकर के दीये जलाओं,

मां को खूब मनाओ।।


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