शक्ति का स्रोत
शक्ति का स्रोत
आप प्रतिबद्ध हों इस बात के लिए
जहाँ जाएंगे शांतिपूर्ण वातावरण बनाएंगे ,
आप प्रतिबद्ध होंगे तो मन व्यवस्थित होगा
आपका मन विचार ,शक्ति ,एवं शरीर
एक संतुलन में जागरूक होकर काम करेंगे
शक्ति का स्रोत आपके भीतर काम करेगा ।
आप भी सृष्टि का एक अंश हैं
अपने सृजन के स्रोत तक पहुँचें,
और रचनाकार की तरह काम करें,
आपका मन संतुलित होगा तो
आपके विचार संतुलित होंगे
भाव संतुलन से शरीर संतुलित होगा।
एक बालक शिव जी के पास
विश्वास से प्रार्थना करता है,
कैसे होगा यह उसे नहीं पता पर
उसे विश्वास है कि यह होगा,
विश्वास ही आपको शक्ति देता
और आप सफल हो जाते हैं ।
क्या संभव है क्या असंभव है
यह देखना प्रकृति का काम है ,
अपने हिसाब से जीवन चाहते हैं
तो अपनी सोच पर स्थिर रहें,
स्थिरता में सत्यता है ऊर्जा है
उल्टे विचार से ऊर्जा ख़त्म न करें ।
