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Sakera Tunvar

Abstract

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Sakera Tunvar

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शहर की भीड़ में गांव को भुल गए

शहर की भीड़ में गांव को भुल गए

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छोड़ के गाॅ॑व को शहर मे बस गये,

वे तो गाॅ॑व की सुंदरता से ही बिछड़ गये,


जो पहले थे गाॅ॑व की प्रकृति मे खोये,

आज शहर के प्रदुषण मे खो गये,


पहले पूरे गॉ॑व को जानते थे नाम से ये,

लेकिन शहर की भीड़ मे गॉ॑व को ही भूल गये,


इस शहर की चकाचौध मे,

गॉ॑व के हसीन पलो से बिछड़ गये,


सचमे शहर की भीड़ मे गॉ॑व को भूल गये,

लेकिन इस महामारी मे गॉ॑व की याद बहुत सताये।


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