शहीदों का परिवार
शहीदों का परिवार
उनका भी तो परिवार था जो अधूरा हो गया
उनके परिवार वालों का भी तो दिल था जो चकनाचूर हो गया
क्यों जंग होती है यह हर फौजी का परिवार सोचता है
क्योंकि जंग में उनके घर के किसी सदस्य की जान का खतरा होता है
वह फौजी के पीछे ना जाने कितने लोगों का हाथ होता है
और जब वह चला जाता है तो उनकी भी जिंदगी का अंत होता है
कोई हो जाता है अनाथ तो कोई खोलेता अपना पति है
कोई उनसे भी पूछे जिनके दिल पर यह सब गुजरती है
आसान नहीं होता है फौजी होना
इतना भी सरल नहीं है अपनी जिंदगी को दांव पर लगाना
सलाम उन सब शहीदों और उनके परिवारों को है
जिन्होंने कर दी अपनी जान भारत के नाम है ।।
जिन्होंने कर दी अपनी जान भारत के नाम है ।।
