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Mukeshya

Abstract

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Mukeshya

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वो मजा कहां है

वो मजा कहां है

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मिल जाएगी नयी मोहब्बत, 

उसकी बेख्याली का वो दर्दभरा,

वो मजा कहां है


खामोशी से उसकी तस्वीर

की झलक देखना,

उसको स्टॉक करना,

लंबा सा सदेश लिख के मिटा देना,

वो मजा कहां है,


पुराने लम्हों को याद करके,

उसकी यादों में खो जाना,

वो अपने आप ही

आंखों का नम हो जाना,

वो मजा कहां है,


जो बातें अधूरी रह गई थी,

उसकी कल्पना करना,

कहानी को फिर से जोड़ना,

वो मजा कहां है।


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