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अच्युतं केशवं

Abstract

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अच्युतं केशवं

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शहीदी को नमन

शहीदी को नमन

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चंद्रगुप्त चाणक्य हमारे, तुम पौरव बलवान।

अरे तिरंगा किरण, प्रकाशित तुमसे हिंदुस्थान।


जब तक सूर्य चंद्रमा नभ में चमक रहा ध्रुव तारा।

याद रखेगा सारा भारत ये बलिदान तुम्हारा।


जीवन होम चढ़ाने वालो कोटि-कोटि अभिनंदन।

आजादी की ज्योति बचाने वालो शत-शत वंदन।


तीनों ऋण से उऋण हुए तुम कर्ज चुका माटी का।

तीर्थ हो गया आज वीर वह बलिस्थल घाटी का।


पांच देवता एक तीर्थ के परम वीर बरजोर।

पहले आशुतोष शर्मा जी वीरों के सिर मौर।


दूजे मेजर अनुज सूद अतिवीर पराक्रम शाली।

नायक राकेश दिनेश देश की विपद प्राण दे टाली।


और पांचवां नाम याद रखना शकील काजी को।

लगा देश के लिए गए हैं प्राणों की बाजी जो।


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