STORYMIRROR

Seema Singhal

Abstract

2  

Seema Singhal

Abstract

शब्दों की बारिश

शब्दों की बारिश

1 min
431

कुछ रिश्ते

जिंदगी होतें हैं

परवाह और

अपनापन लिए

जिनमें फ़िक्र की

धूप होती है

और ख्यालों की छाँव !!!

...

शब्दों की बारिश से

भीगा है मन

मेरे आस पास

कुछ नमी सी है

कहीं तुम उदास तो नहीं ??


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract