STORYMIRROR

Seema Singhal

Abstract

2  

Seema Singhal

Abstract

मन का गणित !

मन का गणित !

1 min
173

कितनी परिक्रमाएँ

करेगा मन तुम्हारी

कैसे कहूँ 


मुश्किल ही नहीं 

असम्भव है समझना

मन का गणित 


ये चाहे तो 

एक और एक को दो कहे

चाहे तो ग्यारह बताये !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract