नमिता गुप्ता 'मनसी'
Abstract
बो देती हूं कुछ "बीज"
.."शब्दों" के ,
.. .. .. .. ..
एक दिन..
भावनाओं की बौछारों से
अंकुरित हो ही जाएंगे ,
औऱ,
.."महसूस" कर सकोगे तब
मुझे.. मेरे ही शब्दों में !!
विश्वास हमारा...
सुन रहे हो न....
नदी की अभिलाष...
तुमने बचाए रख...
"मनसी".. बिल्...
प्रेम का पता
वो आदमी...
हम आएंगे तो..
कोहरा और धूप....
मैंने कब अपना...
दिल टूटेगा आखिर,दर दर का मारा हो जाना है| दिल टूटेगा आखिर,दर दर का मारा हो जाना है|
मन में चित्कार उठती है क्या गुनाह था मेरा ? क्या इस दर्द का भी अब कभी अंत होगा ? मन में चित्कार उठती है क्या गुनाह था मेरा ? क्या इस दर्द का भी अब कभी अंत होग...
अंत में कहूं तो । सिगरेट वस्तु मात्र नहीं है सिगरेट अंत है प्रारंभ का। अंत में कहूं तो । सिगरेट वस्तु मात्र नहीं है सिगरेट अंत है प्रारंभ का।
बुद्ध ने महल का त्याग किया शांति की तलाश में और हम शांति का त्याग कर रहे हैं, महल की बुद्ध ने महल का त्याग किया शांति की तलाश में और हम शांति का त्याग कर रहे हैं...
चेहरे जगमगा रोशनी, में खिलखिला उठेंगे। चेहरे जगमगा रोशनी, में खिलखिला उठेंगे।
मुझसे दूर यह बैठ गए, मैं खुद के साथ ही बैठ गया। मुझसे दूर यह बैठ गए, मैं खुद के साथ ही बैठ गया।
दिवाली का त्यौहार जीवन में, खुशहाली और समृद्धि लाए। दिवाली का त्यौहार जीवन में, खुशहाली और समृद्धि लाए।
बस दीप मेरे तुम न बुझना सदा यूं ही जलते तुम रहना। बस दीप मेरे तुम न बुझना सदा यूं ही जलते तुम रहना।
आत्मज्ञान की रोशनी दीपक की भांति सत्य, ज्ञान और उजाले का प्रतीक है ! आत्मज्ञान की रोशनी दीपक की भांति सत्य, ज्ञान और उजाले का प्रतीक है !
बने रिश्ते जो कमजोर पड़ गये क्या उन रिश्तों को संभाल पाओगे क्या बने रिश्ते जो कमजोर पड़ गये क्या उन रिश्तों को संभाल पाओगे क्या
राज कई छिपे है खामोशी में तुम्हारी या भ्रम पाले बैठा हूँ मैं, कुछ तो बोलो राज कई छिपे है खामोशी में तुम्हारी या भ्रम पाले बैठा हूँ मैं, कुछ तो बोलो
, तो उनके बीच स्वस्थ, सहज रिश्ते बनेंगे। , तो उनके बीच स्वस्थ, सहज रिश्ते बनेंगे।
मोह ममता बेकार आया अकेला अकेला ही जायेगा यही कुदरत नियम है सच यार। मोह ममता बेकार आया अकेला अकेला ही जायेगा यही कुदरत नियम है सच यार।
जब होती अपने पास तो करते तराश है और जब होती है दुर तो करते है तलाश जब होती अपने पास तो करते तराश है और जब होती है दुर तो करते है तलाश
घूमें गोल -गोल यह मनवा तुम्हारा। घूमें भले ही गोल -गोल तुम । घूमें गोल -गोल यह मनवा तुम्हारा। घूमें भले ही गोल -गोल तुम ।
पूरी दुनिया खेलती है आपकी गोद में व्याकुल हो जाते ऋषि मुनि भी आपके वियोग मेंं। पूरी दुनिया खेलती है आपकी गोद में व्याकुल हो जाते ऋषि मुनि भी आपके वियोग में...
पटाखों की रात, हंसी से भरी, दिलों में बसे, सपनों की यात्रा शुरू हो जाए। पटाखों की रात, हंसी से भरी, दिलों में बसे, सपनों की यात्रा शुरू हो जाए।
भावों की मिठाई बने, अहसासों की रंगोली, भर जाए खुशियों से, आज गरीबों की झोली। भावों की मिठाई बने, अहसासों की रंगोली, भर जाए खुशियों से, आज गरीबों की झोली।
प्रतीक्षारत पथ पर, पुष्प मालाएं बाँह फैलाए देहरी पर ! प्रतीक्षारत पथ पर, पुष्प मालाएं बाँह फैलाए देहरी पर !
मुझे देख बस मुस्कुराती वो लड़की मेरे बाँहों में अक्सर सो जाती वो लड़की।। मुझे देख बस मुस्कुराती वो लड़की मेरे बाँहों में अक्सर सो जाती वो लड़की।।