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चेतन गोयल

Abstract

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चेतन गोयल

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प्रार्थना कोरोना हनन के लिये

प्रार्थना कोरोना हनन के लिये

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लगता है डर, फैला कहर, संकट में है,आज पूरी धरा

फैली है ये ,बीमारी बड़ी, फैला है ये ,आज संकट बड़ा

है ईश्वर ! मेरे सखा, एक तु ही है आसरा


बनाई है, ये धरती तेरी, बनाया है तुने ये आसमां

सुने पड़े, ये रस्ते पुरे , घरों में छिपा है ये पुरा जहां

रक्षा करो हम सबकी, जहां सारा, तेरे दर पे खड़ा

है ईश्वर! मेरे सखा, एक तु ही है आसरा


तड़पता कोई, बिलखता कोई, देखा न जाता ये मंजर बुरा

भूखा कोई,प्यासा कोई,चलता है दिल पे ये खंजर छुरा

खतरे में है, बालक तेरे, दानव हमारे है सिर पे खड़ा

है ईश्वर! मेरे सखा, एक तू ही है आसरा।


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