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Sonam Kewat

Abstract

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Sonam Kewat

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शायर कैसे बने?

शायर कैसे बने?

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यूं ही नहीं बन जाते हैं शायर लोग 

यहां भी कुछ कीमतेँ चुकानी पड़ती हैं 

बरसों की जो मोहब्बत होती है उन्हें 

बस कुछ पल में मिटानी पड़ती है! 


सुना तो होगा मुफ्त में कुछ मिलता नहीं 

तो जिंदगी की डायरी कहाँ से आएगी

जब तक दिल तुम्हारा टूटेगा नहीं तो 

फिर ये शायरी कहां से आएगी!


तुम सिर्फ एक बार ईश्क कर लो

सब कुछ खुद ब खुद हो जाएगा

तुम टूटोगे वो तो दूर की बात है

ये दिल पहले ही कहीं खो जाएगा!


दिल टूटेगा तो फिर दर्द मिलेगा

और दर्द में तनहाई का शोर होगा

कलम किताब का सहारा मिल जाए

तब तो समझों बात कुछ और होगा!


हाथ में कलम और टूटा हुआ दिल

तुम्हें शायर बनाने के लिए काफी है

अगर मेरी बातों से सहमत नहीं तो

मुझे इस बात की बेशक माफी है!


पता तो चल ही गया होगा तुम्हें

क्या है शायर बनने का तरीका

प्यार, धोखा और तजुर्बा ही है

जो सिखा देता है सारा सलीका!



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