STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance Inspirational

4  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance Inspirational

शांत मन

शांत मन

1 min
406

शांत

मन

विचलित

हो जाता है

जब कोई

बेवफा

हो जाता है


विश्वासपात्र

कोई

विश्वासघात

कर जाता है

अपना

कोई

गैरों की तरह

पेश आता हैं


मन का

विश्वास

डिग जाता है

मन विचलित सा

हो जाता है


आशा से

भरे सपने

चकनाचूर

हो जाता है


तो भी

मन विचलित

हो जाता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract