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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance Inspirational

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Romance Inspirational

शांत मन

शांत मन

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शांत

मन

विचलित

हो जाता है

जब कोई

बेवफा

हो जाता है


विश्वासपात्र

कोई

विश्वासघात

कर जाता है

अपना

कोई

गैरों की तरह

पेश आता हैं


मन का

विश्वास

डिग जाता है

मन विचलित सा

हो जाता है


आशा से

भरे सपने

चकनाचूर

हो जाता है


तो भी

मन विचलित

हो जाता है।


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