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Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

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Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

"सेवन करना छोड़ दो"।

"सेवन करना छोड़ दो"।

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सेवन  करना छोड़ दो, धूम्रपान श्रीमान।

धुआं करता सर्वनाश,कर लो कुछ तो ध्यान।


कर लो कुछ तो ध्यान, पैसे की हैं बर्बादी।

स्वास्थ्य रहे ना ठीक,बात समझ नहीं आंदी।


कह 'जय' खर्च बढ़ता, घटता जा रहा वेतन।

करके चिंतन मनन, छोड़ दो करना  सेवन।


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