सदमार्ग पर सदा चलें
सदमार्ग पर सदा चलें
आओ, मिलकर विश्व का कल्याण करें,
दुख , कष्ट और दारिद्रता को समूल हरें !
सदभावना और दयालुता संतोष देती है ,
परोपकार से विवेक व बुद्धि सिरजती है !
अपनी वाणी और व्यवहार मधुर बनाएं ,
लाचार और ज़रूरतमंद को सक्षम बनाएं !
कभी किसी को ना सताएं ना अवहेलना करें ,
अपना मन शांत व औरों का मन निर्मल करें !
आज अक्षत व सुमन कर में ले ये प्रतिज्ञा करें!
कि हमेशा अपने सतत सदमार्ग पर चलते चलें।
