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Vivek Gulati

Abstract Inspirational

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Vivek Gulati

Abstract Inspirational

सच्ची दोस्ती

सच्ची दोस्ती

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निस्वार्थ भाव, “मैं” नहीं “हम”...

सच्ची दोस्ती की है बुनियादी रस्म |


दोस्त के लिए दुनिया से लड़ जाएँ...

उसको बचाने के लिए सारे जोखिम उठाए |


ना करने की है नहीं है गुंजाइश...

अगर दोस्त करे कोई फ़रमाइश |


सही- ग़लत कभी सोचा नहीं, 

दोस्ती सिर आँखों पर...बाक़ी कुछ भी नहीं।


सुख हो या दुख, साथ रहेंगे -साथ चलेंगे...

किसी भी परिस्थिति की परवाह नहीं करेंगे |


अगर मौका मिले फिर एक बार, तब भी यही करूंगा...

अस्थायी ख़ुशियों की जगह, सच्ची दोस्ती ही चुनूंगा|


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