अंदाज़
अंदाज़
अर्थी पर पड़े और सेज पर सजे फूल
अलग ही कहानी बयान करते हैं ।
बोलने व लिखने के अंदाज़ से
शब्दार्थ बदल जाते हैं ।
शब्दों का चयन करो उद्देश्य देख के
मौसम बिगड़ सकता है छोटी सी गलतफहमी से।
बाद में पछताना पड़े, ऐसी परिस्थिति न बने
बनाओ अपना संदेश सूझ-बूझ और सहजता से।
