STORYMIRROR

सच्चा प्यार

सच्चा प्यार

1 min
13.9K


मंज़िल भी तेरी थी और रास्ता भी तेरा था

एक तेरा प्यार पा लूं बस वो ही सपना मेरा था

एक मैं अकेला रह गया और पुरा शहर तेरा था

साथ-साथ रहने की सोच भी तेरी थी फिर

अकेले छोड़ जाने का ख्याल भी तेरा था


हाथों में हाथ लेकर मुझे हँसाने की कसम भी तेरी थी

फिर आँखों में अांसुओं का सिलसिला भी तेरा था

मैं क्यों यहां तन्हा रह गया मेरा दिल सवाल करता है

किस्मत तेरी थी पर क्या ख़ुदा भी तेरा था


ख़ुदा बोला-

उसे चाहना ग़लती तेरी थी, उसे चाहने का ख्याल भी तेरा था

उसे क्यूँ हो ग़म तेरे जाने का, अरे तु रो..

क्यूंकि सच्चा प्यार तो तेरा था..


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Priyanka Kumari

Similar hindi poem from Romance