STORYMIRROR

Prakash Singh Patel

Abstract

3  

Prakash Singh Patel

Abstract

" सच्चा मित्र "

" सच्चा मित्र "

1 min
245

दोस्ती तो एक इत्तेफाक होती है

पता नही कैसे लोगो से मुलाकात होती है


दोस्ती दिन रात या चेहरा देखकर नही

दोस्ती तो दिलो से ओर जज्बात से होती है

दोस्ती तो नए सफर की शुरुआत होती है


अरे दोस्ती में बहुत स्नेह होता है

कुछ बाते ऐसी होती है जिन्हें 

हम हर किसी से शेयर नही 

कर सकते लेकिन दोस्तों के साथ शेयर करते हैं

इसीलिए तो दोस्ती इतनी खास होती है


जब एक मित्र दूसरे मित्र के काम आता है 

तभी वह एक सच्चा मित्र बन पाता है


यूँ तो कहे की जब भी मेरी कोई लड़ाई हो

वह एक फ़ोन लगाने पर अपना सभी काम 

छोड़कर चला आता है


तो कभी लड़की पटाने में मेरा साथ निभाता है

कभी सुख में काम आता है 

तो कभी दुख में काम आता है

वास्तव में वही वही सच्चा मित्र कहलाता है।


मित्र ही हमारा हेल्प लाइन नंबर होता है

जब भी कॉल करो तो

और भाई मेरे यार मेरी जान 

कोई दिक्कत तो नही

कहकर सारी समस्याओं का

समाधान कर देता है।


आखिर सच्चे मित्र की पहचान कब होती है

मित्रता मित्रता से अनजान होती है।


मित्रता ही एक ऐसा रिश्ता होता है 

जो उम्र, क्लास ,बराबरी या 

जाती देखकर नही होता है।


वैज्ञानिक भी दावा करते है कि जिनकी मित्रता

7 साल से ज्यादा की होती है

उन के बीच में कितनी भी फूट पड़ जाए

वह मित्रता कभी अलग नही होती है।


मेरी हमेशा यही कोशिश रहे

की सोनू और प्रकाश की 

दोस्ती हमेशा बनी रहे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract