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Gurudeen Verma

Tragedy

4  

Gurudeen Verma

Tragedy

सभी है परेशान

सभी है परेशान

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सभी हैं परेशान, इस महंगाई से।

नहीं कोई खुश, इस महंगाई से।।

यह महंगाई होगी कब कैसे कम।

बढ़ी है तकलीफें, इस महंगाई से।।

सभी है परेशान---------------------।।


मैं हूँ व्यापारी, कमाई बहुत हैं।

लेकिन मेरे घर में, खर्चें बहुत हैं।।

बहुत कर्ज है, मुझ पर बैंकों का।

कर्ज लेना पड़ा, मुझको महंगाई से।।

सभी है परेशान---------------------।।


मैं शिक्षक हूँ सरकारी, वेतन बहुत है।

जमीन और मकानों की, कीमत बहुत है।।

बनाने को घर ,लोन मैंने लिया है।

किश्तों में ली बाइक , इस महंगाई से।।

सभी है परेशान--------------------------।।


गरीब आदमी हूँ , देखूँ क्या सपनें।

भूखे ही सोये हैं, मेरे साथ अपने।।

रोटी- कपड़ा- मकान, कैसे मैं खरीदूँ।

मर रहा है गरीब तो, इस महंगाई से।।

सभी है परेशान----------------------।।



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