STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Abstract Action

4  

Sumit. Malhotra

Abstract Action

सावन के महीने में।

सावन के महीने में।

1 min
377

याद सदा कि सावन के महीने में, 

झूला झूलते रहते हम-तुम दोनों। 


तुमने ज़्यादा झूला हमने ही कम, 

इश्क़ का झूला झूलना भूली तुम।


जैसे सावन में मोर नाचा करते हैं, 

वैसे प्रेम-नृत्य हम सबको करना। 


सावन के महीने में प्यार करते हैं, 

सावन के महीने दग़ा नहीं देते हैं। 


विश्वासघात कभी नहीं है करना, 

जिससे पहली मुहब्बत है करना।


लगता बहुत आसान प्यार करना, 

प्यार लगेगा कोहिनूर हीरा गहना। 


कोहिनूर हीरा पाना नहीं आसान, 

वैसे प्रेम निभाना है नहीं आसान। 


सावन के महीने का आगाज़ यार, 

सावन की फुहार का आगाज़ यार। 


होने वाली सावन की बारिश तो है, 

वो पास आये करते ये गुज़ारिश हैं। 


जैसे सौंधी सी खुशबू प्यार लाई है, 

जैसे हमारे जीवन में बहारें लाई है। 


सावन का महीना याद रखना हमें, 

ये बूंदों का महीना याद रखना हमें।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract