सारे जहां से अच्छा
सारे जहां से अच्छा
सारे जहां से अच्छा, है अपना देश प्यारा,
हर दिल में बसी यहाँ, प्रेम की इक धारा।
नदी की कलकल ध्वनि में, संगीती छवि है,
हर कोने में यहां, खुशियों की लहरी कवि है।
जहां सूरज की किरणें, हैं सुबह की सौगात,
हर एक चेहरे पर , सच्ची मुस्कान प्रख्यात।
चमन का हर फूल, महकाये इस चमन को,
जहां हर एक रंग ,जोड़े जीवनी अमन को।
धरा पे हो अन्न की बरसात, आकाश नीला,
जज्बातों में रंग भरता, हर बच्चा हंसी खिला।
यहाँ की माटी कहती ,वीर शहीदों की दास्तां,
हर कदम पर शौर्य गाथा, विश्व में होती बयाँ।
सारे जहां से अच्छा, अपना देश प्यारा-न्यारा,
बाँधता है दिलों को , उसके प्रेम का इशारा।
भिन्न-भिन्न जाति-धर्म अलग है भाषा-बोली
दुख-सुख में एक हों जब उठती अर्थी डोली
