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Minal Aggarwal

Abstract

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Minal Aggarwal

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साहस

साहस

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आसमान का 

एक तारा 

तोड़ना था मुझे 

चांद की तरफ देखकर 

मैंने उसकी चांदनी 

अपने आंचल में 

समेटने का 

रात भर 

साहस जुटाया 

आसमान का फिर वह एक तारा 

तोड़ा

उसे दीपक बनाया 

चांदनी की लौ से उसे 

जलाया 

घर की अंधेरी गली से फिर 

अंधेरा भगाया 

खुद के घर को रोशन 

किया 

दूसरों के घरों को भी 

रोशनी से 

नहलाया।


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