STORYMIRROR

Minal Aggarwal

Abstract

4  

Minal Aggarwal

Abstract

साहस

साहस

1 min
233

आसमान का 

एक तारा 

तोड़ना था मुझे 

चांद की तरफ देखकर 

मैंने उसकी चांदनी 

अपने आंचल में 

समेटने का 

रात भर 

साहस जुटाया 

आसमान का फिर वह एक तारा 

तोड़ा

उसे दीपक बनाया 

चांदनी की लौ से उसे 

जलाया 

घर की अंधेरी गली से फिर 

अंधेरा भगाया 

खुद के घर को रोशन 

किया 

दूसरों के घरों को भी 

रोशनी से 

नहलाया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract