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साभार नमन

साभार नमन

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शुभ आशीष हर शीश जो इस क्षण

वो लीन सम्मुख तव इस क्षण

ढाल छाती तत्पर हो सीमा संभाले

तो निरंतर हृदय स्पंदन यहाँ इस क्षण


समर्पित प्राण तुम्हारे देशप्रेमी जवानों

तभी प्राण तन मे हर एक इस क्षण

भेदती शत्रु नज़र, नज़र वो आपकी

तो नज़र नज़र चमकती हमारी इस क्षण


है सादर बस यही सेवा में राजे

स्वीकार आदेश जो भी इस क्षण

साभार नमन ओ बहादुर जवानों !

नमीत देश सारा है यहाँ इस क्षण...।


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