STORYMIRROR

Mohit Verma

Romance

3  

Mohit Verma

Romance

रूह

रूह

1 min
235

तेरी रूह का हकदार हूं,

व्यापार तो नहीं करूंगा।

तेरा सच्चा यार हूं,

दूसरा प्यार तो नहीं करूंगा।

ये तो शब्द हो गए, जो तूने कहे

मैं तो पागल हूं,

प्यार भी सौ बार करूंगा।

जब भी करूंगा जैसे भी करूंगा, 

हर बार तुझसे ही करूंगा ।


               


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance