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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Abstract Classics Inspirational

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Abstract Classics Inspirational

रोशनी की एक किरण

रोशनी की एक किरण

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टूटे से रोशनदान से रोशनी की एक 

झीनी सी किरण 

इठलाकर आ रही है 

और अपने साथ 

आशा , उमंग, विश्वास

उत्साह ला रही है । 


उस एक किरण से 

अंधकार लुप्त हो गया है 

कमरा उजाले से भर गया है 

आशा इधर उधर दौड़ रही है 

विश्वास सोफे पर पसर गया है 

उमंग और उत्साह दोनों भाई 

आंगन में खेल रहे हैं । 


रोशनी की एक किरण से 

घर का माहौल बदल गया है 

भय, निराशा कहीं दुबक गए हैं

सबके चेहरे रोशनी से नहा रहे हैं 


रोशनी की एक किरण 

चाहे वह कहीं से भी आये 

उसे रोको मत, आने दो 

वही भरेगी जोश रग रग में 

और करेगी अभिप्रेरित 

कुछ नया करने के लिए 

क्योंकि नवीनता जरूरी है 

विचारों और व्यवहार में।


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