STORYMIRROR

Kunda Shamkuwar

Drama

2  

Kunda Shamkuwar

Drama

रंगरेज पिया

रंगरेज पिया

1 min
348

आयी है होली 

गुलाल लेकर 

मन में ढेर सी

हसरतें लेकर


रंगने को मुझे

चाहत के रंगों में

पिया मेरा

रंगरेज बना है


हवाओं में

मचलकर

लहरा कर 

कह रही है चुनरी


पिया के संग 

अंग अंग में 

मोहे रंगना है

मनभावन रंग में





विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama