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Praveen Gola

Inspirational


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Praveen Gola

Inspirational


रँग दे बसंती चोला

रँग दे बसंती चोला

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भूल जाते हैं अक्सर हम ,कुर्बानी वीर जवानों की ,

जो पहन के चोला लाल - लाल ,छोड़ गए निशानी कई दीवानो की।

अपनी शहादत से उन्होने ,देश का नाम ऊँचा किया ,

डटे रहे और खुद मिटे ,पर तिरंगा ना झुकने दिया।

याद करे उन्हे अक्सर ,जो भारतवासी ना अश्रु बहाये ,

वो केवल देश का नागरिक रहे ,पर देशभक्त कभी ना कहलाये।

खौलता लहू नहीं अगर तुम्हारा ,दुश्मन की ललकार से ,

तो काट लो खुद शीश अपना ,अपनी ही तलवार से।

रँग दे बसंती चोला कहने वाले ,आये और आकर चले गए ,

पर अपने पीछे कितने ही चोले ,रँगने का एक जहर छोड़ गए।

आज भी इस देश के मतवाले ,कफ़न ओढ़ने को तैयार हैं , 

रँग दे बसंती चोला कह - कहकर ,दुश्मन से लड़ने हरदम तैयार हैं।।


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