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Anuradha T

Classics

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Anuradha T

Classics

रंग बरसों

रंग बरसों

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होली आई मस्ती छाई गुलाल गुब्बारो की सौगात लाई

हर होली अलबेली होती हर होली हमें ‌रिझा थी


जाने कितने राज दिखाती जाने कितने पाठ पढ़ाती।  

होली आती भीघे‌ भीधे गीत सुनाती भाभी ‌साली से रंग डलवाती।     


होली आती गिले शिकवे दूर भगाती‌। प्यार भरा संदेश लाती।       

आओ‌ रे आओ‌ सब साथ साथ आओ। होली के रंग में रंग जावो।


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