STORYMIRROR

Anuradha T

Classics

3  

Anuradha T

Classics

रंग बरसों

रंग बरसों

1 min
217

होली आई मस्ती छाई गुलाल गुब्बारो की सौगात लाई

हर होली अलबेली होती हर होली हमें ‌रिझा थी


जाने कितने राज दिखाती जाने कितने पाठ पढ़ाती।  

होली आती भीघे‌ भीधे गीत सुनाती भाभी ‌साली से रंग डलवाती।     


होली आती गिले शिकवे दूर भगाती‌। प्यार भरा संदेश लाती।       

आओ‌ रे आओ‌ सब साथ साथ आओ। होली के रंग में रंग जावो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics