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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

"रमजान की मुबारकबाद"

"रमजान की मुबारकबाद"

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उग आया है, देखो, पाक चांद

सबको रमजान की मुबारकबाद

सद्भाव और भाईचारा बांटे

रखें रोजा, खुदा को करे याद

भूखों को कराएं, भोजन आप

आमदनी से निकाले जकात

भले रख न पाये रोजा, सज्जाद

मन का रोजा जरूर रखे, याद

बुरा न देखे, बुरा न सुने आप

अच्छा बोले, बुराई दे, त्याग

रमज़ान की सबको मुबारकबाद

सबका घर खुदा करे, आबाद

अपना पड़ौसी भूखा न सोए

ध्यान रखे, सबमें रब का वास

देश मे अमन, चैन बना रहे

आओ दुआ में उठाये हाथ



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