रिमझिम फुहार
रिमझिम फुहार
बारिश की
रिमझिम फुहारों में भीग कर
झूम उठती है धरती
नदियाँ खुशी से कलोल करने लगती हैं
प्रकृति झूमकर लहराती है
तन मन रोमांचित हो उठता है
बाहें फैलाए
आसमान की ओर मुँह किए
आनंद लेती हैं युवतियाँ
बारिश की रिमझिम फुहारों का
बूंदें बनकर मोती
गिरती हैं धरती के आँचल पर
उमस भरी गर्मी से राहत मिलती है
जमा हो जाते हैं
खेतों और मैदानों में
बारिश का पानी
छोटे-छोटे नौनिहाल बच्चे
भीगते हैं बारिश में
छप - छप की आवाज पर
कूदते हैं जमा हुए पानी में
काग़ज़ की नाव बनाकर
तैराते हैं बहते धारों में
बारिश की बूंदों से
किसानों की उम्मीदें खिल उठती हैं
जनजीवन को संजीवनी मिल जाती है।
