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अख़लाक़ अहमद ज़ई

Inspirational

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अख़लाक़ अहमद ज़ई

Inspirational

रौशनी का सैलाब

रौशनी का सैलाब

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ठीक है

थोड़ा ठहर कर 

अंधेरे में

आँखों को अभ्यस्त कर लो

पर 

यह उम्मीद ना करना कि 

अभी आसमान में एक धमाका होगा 

और रौशनी का सैलाब 

तुम्हारी राहों में बिछ जायगी 

तब तुम चलकर 

मंज़िल तैय करोगे।


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