STORYMIRROR

Shivansh Jha

Classics

4  

Shivansh Jha

Classics

रावण विचलित हुआ!!

रावण विचलित हुआ!!

1 min
70

जीत को आकुल, हार से व्याकुल —
रावण विचलित हुआ!!
सेना भेजे या शस्त्र कोई,
प्रतिकार करे या प्रहार कोई।

इस असमंजस में कुंभकर्ण उसने जगाया,
घोर विडम्बना तो देखो —
उसको भी हारा-मरा पाया।

जीत को आकुल, हार से व्याकुल,
रावण विचलित हुआ!!

नीतियाँ सब धरी रह गईं,
रणनीति निरुद्धार रही।
संधि का साथ भी छूट गया,
बन्दी सीता एक शाप हुआ।

जीत को आकुल, हार से व्याकुल,
रावण विचलित हुआ!!

वरदान, दान, अभिमान — सब विफल हो गए।
ब्रह्मा-विष्णु के अस्त्र — निष्फल हो गए।
महाकाल ने शाप दिया,
शत्रु का भी साथ दिया।

जीत को आकुल, हार से व्याकुल,
रावण विचलित हुआ!!

बचाव लंका का करे या स्वयं का करे बचाव,
शोक हार का करे या नीति जीत की धरे प्रभाव।
प्रचण्ड बल का करे प्रदर्शन,
या ग्रहभेदी का करे भक्षण।

जीत को आकुल, हार से व्याकुल,
रावण विचलित हुआ…….


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics