राष्ट्रपिता बापू
राष्ट्रपिता बापू
हे राष्ट्रपिता हे प्यारे बापू
नमन तुम्हें हम करते हैं।
अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले
अंग्रेजों की गुलामी से आजाद करवाने वाले।
चला कर चरखा स्वदेशी का पाठ पढ़ाने वाले ।
माता पुतलीबाई की आंखों की पुतली, पिता कर्मचंद गांधी जी थे तुम्हारे।
सत्याग्रह आंदोलन, दांडी यात्रा, असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन का भी आह्वान किया।
शांति और अहिंसा के पथ पर चलकर ही आपने ब्रिटिश सरकार को भारत छोड़ने पर मजबूर किया।
अहिंसा की प्रति आपकी दृढ़ता ने पूरे विश्व को मोहित किया ।
इसलिए ही गांधी जयंती को संयुक्त राष्ट्र में 2007 से विश्व अहिंसा दिवस मनाने का फैसला किया।
हे बापू, हे राष्ट्रपिता,आपका नाम ही
पूरे विश्व के लिए शांति और अहिंसा का प्रतीक बना।
