राष्ट्र गौरव ...मैथिलीशरण
राष्ट्र गौरव ...मैथिलीशरण
झांसी की वीर भूमि पर जन्मे।
राष्ट्रप्रेम का ओज लिए गरजे।।
मानवता के प्ररेक बन।
'मैथिलीशरण' भारतीय संस्कृति के
नायक बन चमके।
मानवता का व्याख्यान किया।
कल्पना का नही विधान लिया।
नारी मन को ऐसा उकेरा।
काव्य में जीवंत प्राण भरा।
'जय भारत' और 'हिंदू'
"पृथ्वी पुत्र" .....किसान लिखा।
'पंचवटी' से 'द्वापर' तक का,
भारत का गौरवमयी इतिहास लिखा।
'यशोधरा' में नारी पात्र को,
'भारत-भारती 'का सम्मान दिया।
साकेत की देकर अमूल्य धरोहर।
राम-राज्य का विस्तार किया।
'खड़ी बोली को साहित्यिक स्थान दे।
भाषा में माधुर्य का सुंदर भाव भरा।
मां भारती के राष्ट्रभक्त सपूत को।
कोटि -कोटि नमन "मैथिलीशरण गुप्त" राष्ट्र कवि को।।
