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Prashant Beybaar

Abstract Others

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Prashant Beybaar

Abstract Others

राज़

राज़

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राज़ जो दिल में है, छुपाना सीखो

नम हों आँखें, तो मुस्कुराना सीखो

करवट की दीवार के भी कान हैं

उठे जो सिसकी, तो दबाना सीखो



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